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FREE होम रेमेडी पूछने के लिए फ़ोन करें 09414989423 ( drjogasinghkait.blogspot.com निशुल्क - मनोरंजन हेतू ब्लोग देखे atapatesawaldrkait.blogspot.com निशुल्क - myphotographydrkait.blogspot.com ) (१)व्यक्ति पहले धन पाने के लिए सेहत बरबाद करता है ,फिर सेहत पाने के लिए धन बरबाद करता है (२)अपने आप को बीमार रखने से बढ कर कोई पाप नहीं है (३)खड़े-खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की शिकायत ज़ल्दी होती है ,बैठ कर खाने- पीने से घुटनों का दर्द ठीक हो जाता है (४)भोजन के तुरंत बाद पेशाब करने की आदत बनायें तो किडनी में तकलीफ नहीं होगी (५)ज़बडा भींच कर शौच करने /पेशाब करने से हिलाते हुए दांत/दाड़ पूरी तरहां से जम जाते हैं (६)महत्त्व इस बात का नहीं की आप कितना ऊँचा उठे हैं (तरक्की की ),महत्त्व इस बात का है की आपने कितने लोगों की तरक्की में हाथ बटाया(7)होम रेमेडी और भी हैं ,ब्लॉग विजिट करते रहें मिलते है एक छोटे से ब्रेक के बाद

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रविवार, 17 जुलाई 2011

HOME REMEDY(heart attak)


होम रेमेडी हार्ट-अटैक 





हार्ट-अटैक होने की संम्भावना होने या हो जाने के बाद भी दूसरे-तीसरे
 हार्ट अटैक से बचा जा सकता है .नुसका बेहद आसान है -पीपल के
 तीन से पांच कोमल हरे पत्ते

 लेकर एक गिलास पानी मैं उबालें ,

पानी आधा रहने पर छान कर भोजन के बाद सुबह-शाम पी लिया करे.कुछ
 ही दिनों में आप सुधार महसूस करने लगेंगे बिलकुल ठीक होने तक 
आप इसे जारी रख सकतें हैं .आपको लाभ होगा तो जन हित में दूसरों
 को भी लाभ पहुंचाएं .

सन्दर्भ की फोटोकॉपी -


peepal ke patte

8 टिप्‍पणियां:

  1. हार्ट अटैक से बचने का यह तो बहुत आसान तरीक़ा है। डॉ0 साहब आपके इस तरीक़े की चर्चा दिनांक 19-07-2011 को मंगलवारीय चर्चा में चर्चा मंच पर भी होगी कृपया आप चार्चा मंच http://charchamanch.blogspot.com/ पर पधार कर अपने सुझावों से अवगत कराएं

    उत्तर देंहटाएं
  2. क्‍या इसका परीक्षण किया गया है या मात्र अनुभव और प्रयोग आधारित है. यदि परीक्षण किया गया है तो उल्‍लेख अवश्‍य करें कि यह लाभकारी क्‍यों, किस गुण के कारण होता है.

    उत्तर देंहटाएं
  3. VAH BAHUT HI SUNDAR JANKARI AAP KO



    लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/

    आपको मेरी हार्दिक शुभकामनायें.

    अगर आपको love everbody का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी प्रवि्ष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल उद्देश्य से दी जा रही है!

    उत्तर देंहटाएं
  5. ये जानकारी तो पहली बार मिली है ... प्पेपल के पत्ते और दिल की बिमारी ...

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  6. डॉ. जोगा सिंह जी,

    आपका हार्दिक आभार. हृदय रोग जैसे मामले में निदान का सुझाव देते हुए एहतियात जरूरी होता है, क्‍योंकि यह जान पर भी आ सकता है. क्‍या किसी हृदय रोगी की आप जिम्‍मेदारी लेने को तैयार हैं कि वह अन्‍य कोई इलाज या सर्जरी के बजाय पीपल के पत्‍तों पर निर्भर रहे और वह स्‍वस्‍थ्‍य हो जाएगा. मैंने आपसे यह भी निवेदन किया था कि पीपल के पत्‍ते में ऐसा क्‍या गुण है और वह हृदय रोग के निदान में क्‍यों, किस तरह लाभ पहुंचाता है, इसका विश्‍लेषण करें, अन्‍यथा ऐसा सुझाव घातक हो सकता है. आपने आशीर्वाद की बात कही है मैं स्‍वयं को इस योग्‍य नहीं मानता, लेकिन आपकी बात अगर सार्वजनिक, स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी और वह भी जीवन से संबंधित है तो मैं कहूंगा कि इस मामले में आपने अच्‍छी तरह विश्‍लेषण-परीक्षण नहीं किया है और अगर किया है तो उसकी जानकारी आपकी पोस्‍ट में नहीं आई है. आपके और सभी पाठकों के स्‍वास्‍थ्‍य-कुशलता की कामना है.

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  7. राहुल जी बातों का जवाब कौन देगा?

    मंत्र से बच्चा पैदा कराने जैसा काम क्यों कर रहे हैं?

    उत्तर देंहटाएं