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FREE होम रेमेडी पूछने के लिए फ़ोन करें 09414989423 ( drjogasinghkait.blogspot.com निशुल्क - मनोरंजन हेतू ब्लोग देखे atapatesawaldrkait.blogspot.com निशुल्क - myphotographydrkait.blogspot.com ) (१)व्यक्ति पहले धन पाने के लिए सेहत बरबाद करता है ,फिर सेहत पाने के लिए धन बरबाद करता है (२)अपने आप को बीमार रखने से बढ कर कोई पाप नहीं है (३)खड़े-खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की शिकायत ज़ल्दी होती है ,बैठ कर खाने- पीने से घुटनों का दर्द ठीक हो जाता है (४)भोजन के तुरंत बाद पेशाब करने की आदत बनायें तो किडनी में तकलीफ नहीं होगी (५)ज़बडा भींच कर शौच करने /पेशाब करने से हिलाते हुए दांत/दाड़ पूरी तरहां से जम जाते हैं (६)महत्त्व इस बात का नहीं की आप कितना ऊँचा उठे हैं (तरक्की की ),महत्त्व इस बात का है की आपने कितने लोगों की तरक्की में हाथ बटाया(7)होम रेमेडी और भी हैं ,ब्लॉग विजिट करते रहें मिलते है एक छोटे से ब्रेक के बाद

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सोमवार, 14 नवंबर 2011

बालदिवस के उपलक्ष में शहीद उधम सिंह माध्यमिक विद्यालय श्री बिजय नगर में सेमिनार


शहीद उधम सिंह माध्यमिक विद्यालय श्री बिजय नगर में दूरदर्शन के श्री देवेंदर रोकना के प्रयासों से  १४-११-२०११ को (बालदिवस के उपलक्ष में)डॉ.जोगा सिंह कै "जोगी" द्वारा निशुल्क सेमिनार का आयोजन किया गया.निदेशक श्री गुरदीप सिंह ने डॉ.जोगा सिंह का परिचय छात्रायों से करवाया डॉ.जोगा सिंह कै "जोगी" द्वारा  बच्चों को बताया गया कि हम बीमार कैसे होते हैं,बीमार होने से बचें कैसे ,बीमार होने पर होम रेमेडी से हम जल्दी कैसे ठीक हो सकते हैं .प्राकृतिक शरीर का प्राकृतिक उपचार करने से हमारा शरीर लम्बे समय तक कैसे ठीक रह सकता है.
बच्चों व टीचरस  ने बड़े आनंद से सेमिनार को सुना व बताई गयी होम रेमेडी को नोट भी किया .
इस अवसर पर डॉ.जोगा सिंह ने कन्या भ्रूण हत्या को रोकने कि अपील की,रक्त दान करना,नेत्रदान करना ,समाज के लिए लाभकारी बताया .
प्राक्रतिक शरीर की रक्षा के लिए ,प्रक्रति की रक्षा करना अनिवार्य बताया .
इस अवसर पर प्राचार्य  ने धन्यवाद् ज्ञापित किया और  डॉ.जोगा सिंह वश्री देवेंदर रोकना को स्मृति चिन्ह ,व प्रसस्ती -पत्र  दे कर सम्मानित किया 
सेमिनार के चित्र 














3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।
    बालदिवस की शुभकामनाएँ!

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