लिखिए अपनी भाषा में

SCROLL

FREE होम रेमेडी पूछने के लिए फ़ोन करें 09414989423 ( drjogasinghkait.blogspot.com निशुल्क - मनोरंजन हेतू ब्लोग देखे atapatesawaldrkait.blogspot.com निशुल्क - myphotographydrkait.blogspot.com ) (१)व्यक्ति पहले धन पाने के लिए सेहत बरबाद करता है ,फिर सेहत पाने के लिए धन बरबाद करता है (२)अपने आप को बीमार रखने से बढ कर कोई पाप नहीं है (३)खड़े-खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की शिकायत ज़ल्दी होती है ,बैठ कर खाने- पीने से घुटनों का दर्द ठीक हो जाता है (४)भोजन के तुरंत बाद पेशाब करने की आदत बनायें तो किडनी में तकलीफ नहीं होगी (५)ज़बडा भींच कर शौच करने /पेशाब करने से हिलाते हुए दांत/दाड़ पूरी तरहां से जम जाते हैं (६)महत्त्व इस बात का नहीं की आप कितना ऊँचा उठे हैं (तरक्की की ),महत्त्व इस बात का है की आपने कितने लोगों की तरक्की में हाथ बटाया(7)होम रेमेडी और भी हैं ,ब्लॉग विजिट करते रहें मिलते है एक छोटे से ब्रेक के बाद

कुल पेज दृश्य

मेरे बारे में

समर्थक

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

FLAG COUNTER

free counters

शनिवार, 21 अप्रैल 2012


हल्दी बचा सकती है दिल के दौरे से: शोध

 शनिवार, 14 अप्रैल, 2012 को 20:37 IST तक के समाचार
हल्दी में कई बीमारियों से मुकाबले करने वाले गुण पाए जाते हैं
खाने को ज़ायकेदार रंग देने और खूबसूरती को निखारने के लिए इस्तेमाल होने वाली हल्दी अब आपके दिल की भी हिफाजत कर सकती है.
थाईलैंड में हुए एक अध्ययन से संकेत मिले हैं कि बायपास सर्जरी कराने वाले हृदय रोगियों के लिए हल्दी बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है और दिल के दौरे से बचा सकती है.
बायपास सर्जरी के दौरान रक्त प्रवाह की कमी के चलते हृदय की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है, जिससे मरीज को दिल का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है.
हल्दी में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो इन खतरों का मुकाबला करने में मददगार साबित होते हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अमरीका के ह्यूस्टन में स्थित एंडरसन कैंसर रिसर्च सेंटर के भरत अग्रवाल ने इसे बहुत ही उत्साहजनक शोध बताया है.

'दौरे का खतरा 65 फीसदी कम'

यह शोध थाईलैंड के चियांग माई विश्वविद्यालय में हुआ जिसमें 2009 से 2011 के बीच बाइपास सर्जरी कराने वाले 121 लोगों ने हिस्सा लिया.
दुनिया भर में हृदय रोगियों की एक बड़ी संख्या है
इनमें से आधे लोगों को दिन में चार बार एक ग्राम हल्दी के तत्व से बने कैप्सूल दिए गए जबकि बाकी लोगों को दूसरे कैप्सूल दिए गए. ये कैप्सूल सर्जरी होने से तीन दिन पहले और सर्जरी होने के पांच दिन बाद तक दिए गए.
'अमेरिकन जनरल ऑफ कार्डियोलॉजी' में छपे इस शोध के नतीजों के मुताबिक ऑपरेशन के बाद अस्पताल में रहने के दौरान हल्दी का कैप्सूल लेने वालों में दिल का दौरा पड़ने की आशंका 13 प्रतिशत थी जबकि दूसरे कैप्सूल लेने वालों में यह आशंका 30 प्रतिशत के आसपास पाई गई.
यह शोध करने वाले टीम के प्रमुख डॉक्टर वारवारंग वांगचेरोन का कहना है कि हल्दी से बने कैप्सूल लेने वालों में दिल के दौरे का खतरा 65 फीसदी कम पाया गया.
हालांकि यह शोध हृदय रोगियों के छोटे से समूह पर किया गया और जानकारों का मानना है कि अभी और व्यापक शोध करने होंगे

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें