लिखिए अपनी भाषा में

SCROLL

FREE होम रेमेडी पूछने के लिए फ़ोन करें 09414989423 ( drjogasinghkait.blogspot.com निशुल्क - मनोरंजन हेतू ब्लोग देखे atapatesawaldrkait.blogspot.com निशुल्क - myphotographydrkait.blogspot.com ) (१)व्यक्ति पहले धन पाने के लिए सेहत बरबाद करता है ,फिर सेहत पाने के लिए धन बरबाद करता है (२)अपने आप को बीमार रखने से बढ कर कोई पाप नहीं है (३)खड़े-खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की शिकायत ज़ल्दी होती है ,बैठ कर खाने- पीने से घुटनों का दर्द ठीक हो जाता है (४)भोजन के तुरंत बाद पेशाब करने की आदत बनायें तो किडनी में तकलीफ नहीं होगी (५)ज़बडा भींच कर शौच करने /पेशाब करने से हिलाते हुए दांत/दाड़ पूरी तरहां से जम जाते हैं (६)महत्त्व इस बात का नहीं की आप कितना ऊँचा उठे हैं (तरक्की की ),महत्त्व इस बात का है की आपने कितने लोगों की तरक्की में हाथ बटाया(7)होम रेमेडी और भी हैं ,ब्लॉग विजिट करते रहें मिलते है एक छोटे से ब्रेक के बाद

कुल पेज दृश्य

मेरे बारे में

समर्थक

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

FLAG COUNTER

free counters

रविवार, 13 मई 2012

करी बचाएगा कैंसर से


करी बचाएगा कैंसर से

 सोमवार, 7 मई, 2012 को 14:45 IST तक के समाचार
हल्दी से हो सकता है आंत के कैंसर का इलाज
ब्रिटेन के वैज्ञानिक इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि 'करी' में इस्तेमाल किए जाने वाले मसाले हल्दी से कैंसर के रोगियों को कितनी राहत मिल सकती है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि हल्दी में पाए जाने वाले तत्व करक्यूमिन से 'आंत के कैंसर' से पीड़ित मरीज़ों को राहत मिल सकती है.
"जब आंत का कैंसर पूरी तरह फैल जाता है तो इसका इलाज काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि कीमोथेरेपी का बुरा असर काफी ज्यादा होता है. हल्दी कीमोथेरेपी के बुरे असर को कम करने में मददगार हो सकती है."
प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर विलियम्स स्टीवर्ड
पहले प्रयोगशाला में किए गए शोध से पता चला है कि हल्दी कैंसर की कोशिकाओं को मारने में मददगार होता है. शोध में यह पहले ही यह साबित हो चुका है कि हल्दी में कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं जो हृदयघात और पागलपन में भी लाभदायक साबित होता है.
हल्दी के असर को जानने के लिए अब इंगलैंड के लिसेस्टर में मरीजों को कीमोथेरेपी के साथ-साथ हल्दी से भी उपचार किया जाएगा, जिससे पता चल सके कि यह कितना असरकारी है.

कीमोथेरेपी कठिन

इंगलैंड में हर साल चालीस हजार लोग आंत के कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं.
अगर यह बीमारी शरीर में फैल जाती है तो मरीजों को तीन कीमोथेरेपी की दवा दी जाती है, लेकिन आधे मरीजों पर इसका असर नहीं होता है.
लिसेस्टर के रॉयल फैमिली इनफर्मरी और लिसेस्टर जेनरल हॉस्पिटल में चालीस मरीजों के उपर इसका प्रयोग किया जाएगा. इस प्रयोगात्मक इलाज में उन चालीस मरीजों को कीमोथेरेपी द्वारा इलाज शुरु करने के सात दिन पहले करक्यूमिन दवा दी जाएगी.

असरकारी है हल्दी

कैंसर पर हल्दी के प्रभाव पर शोध कर रहे शोधकर्ताओं के प्रमुख प्रोफेसर विलियम्स स्टीवर्ड का कहना है कि जानवरों के ऊपर हल्दी और कीमोथेरेपी का जब एक साथ इस्तेमाल किया गया तो यह अन्य प्रयोग की तुलना में ‘सौ फीसदी से ज्यादा लाभदायक’ था. प्रोफेसर विलियम्स का कहना है कि इससे उन्हें इसका प्रयोग मरीजों के ऊपर करने की प्रेरणा मिली.
उनका कहना था, “जब आंत का कैंसर पूरी तरह फैल जाता है तो इसका इलाज काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि कीमोथेरेपी का बुरा असर काफी ज्यादा होता है. हल्दी कीमोथेरेपी के बुरे असर को कम करने में मददगार हो सकता है, इससे मरीजों को कम मात्रा में, लेकिन लंबे समय तक कीमोथेरेपी दिया जा सकता है.”

शोध शुरुआती दौर में

प्रोफेसर विलियम्स का कहना है, “हालांकि यह शोध अभी शुरुआती दौर में है और हल्दी से कैंसर का इलाज भी एक पहेली जैसा ही है. लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि हम भविष्य में नई दवा को खोज कर लेगें.”
इंगलैंड कैंसर रिसर्च के जोना रेनोल्ड्स का कहना है, “इस तरह के परीक्षण से हमें अन्य फायदों के बारे में पता चल सकेगा. इससे हम अधिक मात्रा में हल्दी का उपयोग करके शोध को आगे बढ़ा सकते हैं. साथ ही, हमें इसकी जानकारी भी मिलेगी कि हल्दी से कैंसर के रोगी के उपर क्या बुरा असर पड़ता है.”

2 टिप्‍पणियां: