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FREE होम रेमेडी पूछने के लिए फ़ोन करें 09414989423 ( drjogasinghkait.blogspot.com निशुल्क - मनोरंजन हेतू ब्लोग देखे atapatesawaldrkait.blogspot.com निशुल्क - myphotographydrkait.blogspot.com ) (१)व्यक्ति पहले धन पाने के लिए सेहत बरबाद करता है ,फिर सेहत पाने के लिए धन बरबाद करता है (२)अपने आप को बीमार रखने से बढ कर कोई पाप नहीं है (३)खड़े-खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की शिकायत ज़ल्दी होती है ,बैठ कर खाने- पीने से घुटनों का दर्द ठीक हो जाता है (४)भोजन के तुरंत बाद पेशाब करने की आदत बनायें तो किडनी में तकलीफ नहीं होगी (५)ज़बडा भींच कर शौच करने /पेशाब करने से हिलाते हुए दांत/दाड़ पूरी तरहां से जम जाते हैं (६)महत्त्व इस बात का नहीं की आप कितना ऊँचा उठे हैं (तरक्की की ),महत्त्व इस बात का है की आपने कितने लोगों की तरक्की में हाथ बटाया(7)होम रेमेडी और भी हैं ,ब्लॉग विजिट करते रहें मिलते है एक छोटे से ब्रेक के बाद

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शनिवार, 17 नवंबर 2012

अनीता जी की टिप्पणी:का उत्तर


अनीता जी की  टिप्पणी:का उत्तर 

  1. To read your posts is always a pleasure. They are very informative.
    Here coming to your point 'Neck Pain'... I think these days people generally consider it Cervical Spondylosis and it is really difficult for a common man to differentiate between the two.. :(
    Thanks !
    Regards !!!
    उत्तर :-
    अनीता जी,आप ब्लॉग पर पधारी धन्यवाद .
    अनीता जी,हमारे शरीर में सिर्फ एक रोग ही होता है .जिसका नाम है "रुकावट".

    जिनके  स्थान के  अनुसार पहचान के लिए  नाम रखे गए हैं 
    (जैसे -हमारे शरीर के बाल ,जिनके स्थान के अनुसार नाम अलग-अलग हैं)
    शरीर में जहाँ रुकावट हो वहीँ रोग पैदा हो जाता है .
    जैसे ,सर में वायु ,पित्त ,नजला,रुका तो सर-दर्द।
    छाती में रुकावट,दम्मा .
    पित्ताशय में ,किडनी में रुकावट से पथरी .
    पेट में रुकावट से कब्ज़ 
    घुटनों ,जोड़ों में रुकावट से गठिया,
    नाड़ियों में वायु की रुकावट से दर्द 
    यानी 
    जहाँ दर्द वहां वायु का प्रकोप मानों 
    जहाँ जलन हो वहां पित्त का 
    फेफड़ों में कफ का 
    शरीर में बढ़ी हुयी वायु जहाँ-जहाँ जाएगी  वहां-वहां दर्द होगा 
    कुल्हे के पास से पैर की उंगली तक नाड़ी में दर्द चले और कंधे तक भी चले उसे साइटिका 
    नाम दिया जाता है ,यही दर्द गर्दन की नाड़ी  में भी हो तो उसे नेक - पेन ,गर्दन से कंधे तक हो तो उसे 
     Cervical Spondylosis कह देते हैं    
                
    डिस्क के पास वायु रुके तो डिस्क की दिक्कत आदि 
    साइटिका की जांच आप खुद कर सकतें हैं 
    अपने पैर की छोटी उंगली के साथ वाली दूसरी उंगली को पकड़ कर नीचे से दबाकर मसलें 

    असहनीय दर्द होने पर साईटिका दर्द समझाना चाहिए।

1 टिप्पणी: