अगर आदमी के सींग होते ????
1.नाई की दुकान नहीं होती
2. नाई की दुकान के स्थान पर सींग सवारने की दुकान होती
3.सींग ढकने के लिए बाज़ार में सामान मिलता,अमीर से लेकर गरीब तक के लिए ,कपडे से लेकर सोने तक का
4.बस में सामान रखने का छज्जा नहीं होता ,उसमे फंसकर किसी का सींग टूट सकता था
5.पति - पतनी की लडाई में सींग ही टूटते
6.अस्पताल में एक डॉ,"सींग स्पेस्लिस्ट " रखना पड़ता
7. कंग्घी बनाने की ज़रुरत नहीं पड़ती
8.गंजों को विशेष लाभ मिलता ,पता ही नहीं चलता की बाल उड़ गए
9.सिर पर कपड़ा बांधना मुश्किल होता
10बच्चों के सींग ना उगने पर माँ परेशान होकर डॉ के पास जाती
11.सुंदर सींग वाले की शादी ज़ल्दी होती
12.विशेष कर आदमी को जानवरों से भी लगाव रहता,उनकी पीड़ा समझता
13 फिर आप मेरे सींग देखकर मेरा मजाक न उड़ाते ,...
14 अभी और बहुत कुछ बाकी है ...
शायद आप समझकर कमेट करें
(आपके कमेंट का इंतज़ार रहेगा )
(व्यंग लेख - डॉ जोगा सिंह कैत जोगी )
1.नाई की दुकान नहीं होती
2. नाई की दुकान के स्थान पर सींग सवारने की दुकान होती
3.सींग ढकने के लिए बाज़ार में सामान मिलता,अमीर से लेकर गरीब तक के लिए ,कपडे से लेकर सोने तक का
4.बस में सामान रखने का छज्जा नहीं होता ,उसमे फंसकर किसी का सींग टूट सकता था
5.पति - पतनी की लडाई में सींग ही टूटते
6.अस्पताल में एक डॉ,"सींग स्पेस्लिस्ट " रखना पड़ता
7. कंग्घी बनाने की ज़रुरत नहीं पड़ती
8.गंजों को विशेष लाभ मिलता ,पता ही नहीं चलता की बाल उड़ गए
9.सिर पर कपड़ा बांधना मुश्किल होता
10बच्चों के सींग ना उगने पर माँ परेशान होकर डॉ के पास जाती
11.सुंदर सींग वाले की शादी ज़ल्दी होती
12.विशेष कर आदमी को जानवरों से भी लगाव रहता,उनकी पीड़ा समझता
13 फिर आप मेरे सींग देखकर मेरा मजाक न उड़ाते ,...
14 अभी और बहुत कुछ बाकी है ...
शायद आप समझकर कमेट करें
(आपके कमेंट का इंतज़ार रहेगा )
(व्यंग लेख - डॉ जोगा सिंह कैत जोगी )
