लिखिए अपनी भाषा में

SCROLL

FREE होम रेमेडी पूछने के लिए फ़ोन करें 09414989423 ( drjogasinghkait.blogspot.com निशुल्क - मनोरंजन हेतू ब्लोग देखे atapatesawaldrkait.blogspot.com निशुल्क - myphotographydrkait.blogspot.com ) (१)व्यक्ति पहले धन पाने के लिए सेहत बरबाद करता है ,फिर सेहत पाने के लिए धन बरबाद करता है (२)अपने आप को बीमार रखने से बढ कर कोई पाप नहीं है (३)खड़े-खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की शिकायत ज़ल्दी होती है ,बैठ कर खाने- पीने से घुटनों का दर्द ठीक हो जाता है (४)भोजन के तुरंत बाद पेशाब करने की आदत बनायें तो किडनी में तकलीफ नहीं होगी (५)ज़बडा भींच कर शौच करने /पेशाब करने से हिलाते हुए दांत/दाड़ पूरी तरहां से जम जाते हैं (६)महत्त्व इस बात का नहीं की आप कितना ऊँचा उठे हैं (तरक्की की ),महत्त्व इस बात का है की आपने कितने लोगों की तरक्की में हाथ बटाया(7)होम रेमेडी और भी हैं ,ब्लॉग विजिट करते रहें मिलते है एक छोटे से ब्रेक के बाद

कुल पेज दृश्य

फ़ॉलोअर

FLAG COUNTER

free counters

शनिवार, 29 नवंबर 2014

सेवा निवृत

राजस्थान के वरिष्ठतम उदघोषक ,श्री गंगा नगर जिले के व आकाशवाणी सूरतगढ़ के प्रथम उदघोषक डॉ. जोगा सिंह कैत अपनी 33 वर्ष की सफल सेवा पूरी करके सेवा निवृत हुए

 सेवा निवृत

 सेवा निवृत

सोमवार, 20 अक्टूबर 2014

गुरुवार, 25 सितंबर 2014

आकाशवाणी सूरतगढ़ के सामने आठवां भंडारा शुरू 26-09-14 से 30-09-14

                                         आकाशवाणी सूरतगढ़ के सामने 
                                 आठवां भंडारा शुरू 
                              26-09-14 से 30-09-14
आकाशवाणी सूरतगढ़ के सामने आठवां भंडारा शुरू 26-09-14 से 30-09-14
 

रविवार, 25 मई 2014

लहसुन के बड़े फायदे



कुछ नुस्खे: छोटे लहसुन के बड़े फायदे.......
___________________________________________________
(इन बीमारियों में है रामबाण)
लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर के लिए एक औषधी की तरह भी काम करता है।इसमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व सी भी पाए जाते हैं। लहसुन शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। भोजन में किसी भी तरह इसका सेवन करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है आज हम बताने जा रहे हैं आपको औषधिय गुण से भरपूर लहसुन के कुछ ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो नीचे लिखी स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण है।

1-- 100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा चम्मच) अजवाइन के दाने और आठ-दस लहसुन की कुली डालकर धीमी-धीमी आंच पर पकाएं। जब लहसुन और अजवाइन काली हो जाए तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें और बोतल में भर दें। इस तेल को गुनगुना कर इसकी मालिश करने से हर प्रकार का बदन का दर्द दूर हो जाता है।

2-- लहसुन की एक कली छीलकर सुबह एक गिलास पानी से निगल लेने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है।साथ ही ब्लडप्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।

3-- लहसुन डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में कारगर साबित होता है।

4-- खांसी और टीबी में लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन के रस की कुछ बूंदे रुई पर डालकर सूंघने से सर्दी ठीक हो जाती है।

5-- लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता है। 30 मिली लीटर दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से दमे में शुरुआती अवस्था में काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।

6-- लहसुन की दो कलियों को पीसकर उसमें और एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर क्रीम बना ले इसे सिर्फ मुहांसों पर लगाएं। मुहांसे साफ हो जाएंगे।

7-- लहसुन की दो कलियां पीसकर एक गिलास दूध में उबाल लें और ठंडा करके सुबह शाम कुछ दिन पीएं दिल से संबंधित बीमारियों में आराम मिलता है।

8-- लहसुन के नियमित सेवन से पेट और भोजन की नली का कैंसर और स्तन कैंसर की सम्भावना कम हो जाती है।

9-- नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर नियमित रहता है। एसीडिटी और गैस्टिक ट्रबल में भी इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। दिल की बीमारियों के साथ यह तनाव को भी नियंत्रित करती है।

10-- लहसुन की 5 कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और उसमें 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह -शाम सेवन करें। इस उपाय को करने से सफेद बाल काले हो जाएंगे।

11- यदि रोज नियमित रूप से लहसुन की पाँच कलियाँ खाई जाएँ तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना में कमी आती है। इसको पीसकर त्वचा पर लेप करने से विषैले कीड़ों के काटने या डंक मारने से होने वाली जलन कम हो जाती है।

12- जुकाम और सर्दी में तो यह रामबाण की तरह काम करता है। पाँच साल तक के बच्चों में होने वाले प्रॉयमरी कॉम्प्लेक्स में यह बहुत फायदा करता है। लहसुन को दूध में उबालकर पिलाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लहसुन की कलियों को आग में भून कर खिलाने से बच्चों की साँस चलने की तकलीफ पर काफी काबू पाया जा सकता है।
13- लहसुन गठिया और अन्य जोड़ों के रोग में भी लहसुन का सेवन बहुत ही लाभदायक है।
लहसुन की बदबू-
अगर आपको लहसुन की गंध पसंद नहीं है कारण मुंह से बदबू आती है। मगर लहसुन खाना भी जरूरी है तो रोजमर्रा के लिये आप लहसुन को छीलकर या पीसकर दही में मिलाकर खाये तो आपके मुंह से बदबू नहीं आयेगी। लहसुन खाने के बाद इसकी बदबू से बचना है तो जरा सा गुड़ और सूखा धनिया मिलाकर मुंह में डालकर चूसें कुछ देर तक, बदबू बिल्कुल निकल जायेगी।



Like ·  · 

शनिवार, 19 अप्रैल 2014

दांतों में दर्द

                               दांतों में दर्द 

                 दांत दाढ़ में दर्द होने पर 
                 चार बूंद सरसों का तेल ,
                 चार बूंद नीम्बू का रस ,
                 एक चुटकी काला नमक 

                  मिलाकर मन्जन करें 
                  तुरन्त लाभ होगा 
                  दांत से खून आना भी रुकेगा 
                         ( साभार कल्याण )

रविवार, 23 फ़रवरी 2014

"छोटी लेकिन लम्बी कहानी..".पांच भुआ "..............?????

एक लड़की की पांच भुआ थी,पांचों ने उसके लिए अपनी -अपनी पसंद का एक-एक लड़का 

उस लड़की के रिश्ते के लिए खोज रखा था.लड़की के माता पिता सभी में से किसी एक 

के साथ ही रिश्ता कर सकते थे ,सो किया .लेकिन बाकी की चार भुआ नाराज हो गयी ,

क्योंकि भाई-भाभी ने उनकी पसंद स्वीकार नहीं की.चारों ने मिलकर वो रिश्ता महीने भर 

में ही तुड़वा दिया.
     
जब लड़की को इस बात का पता चला तो वो दूसरी भुआ के पास जाकर बोली 

"भुआ आपने जो लड़का देख रखा था अब उससे मेरी शादी करवा दे "

भुआ खुश होकर राज़ी हो गयी .  

लड़की बोली -इसी तरह ये रिश्ता भी बाकी भुआ महीने भर में तुड़वा देंगी,इसी तरह 

सारी भुआये अपने-अपने रिश्ते करवाकर खुश हो जाएगी .मैं किसी भी भुआ को नाराज

देखना नहीं चाहती .
  
भुआ के सारा माज़रा समझ में आया और सभी भुआ इक्कठी होकर लड़की को 

उसकी ससुराल छोड़कर आई .(डॉ.जोगा सिंह कैत जोगी )

शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2014

गुरु रविदास जी के पावन जन्म दिन की सभी को हार्दिक बधाई

          गुरु रविदास जी के पावन जन्म दिन 
                           की सभी को 
                          हार्दिक बधाई 











गुरु रविदास जी के पावन जन्म दिन की सभी को हार्दिक बधाई 


गुरुवार, 9 जनवरी 2014

निशुल्क सेमिनार :राष्ट्रीय सेवा योजना सूरत गढ़

निशुल्क सेमिनार :राष्ट्रीय सेवा योजना सूरत गढ़ 
-----------------------------------------------------
 आज दिनांक ०९-०१-१४ को डॉ.जोगा सिंह कैत नेराष्ट्रीय सेवा योजना सूरत गढ़  में सेमिनार 

श्री सुरेन्द्र कुमार बसरा  के प्रयासों से आयोजित किया गया.


राजकीय उच्च माध्यमिक  विद्यालय सूरतगढ़ के बच्चों को संबोधित किया.


जिसमे बच्चों को बताया की हम बीमार कैसे होते हैं ,बीमार होने से बचे कैसे ,घरेलु रेमेडी से 

इलाजकैसे करें ,

खाने -पीने के सही तरीके क्या हैं,सही खान-पान क्या है,विपरीत खान-पान क्या है,आदि के बारे में 

जानकारी दी गयी .जिसे बच्चों के बड़े आनन्द से सुना व होम रेमेडी को नोट भी किया .


इसके अलावा नेत्रदान ,रक्तदान ,सिजेरियन से बचना,पेड़ लगाना ,आदि के बारे में विस्तार से बताया .

प्राध्यापक श्री सुरेन्द्र कुमार बसराम ने डॉ.जोगा सिंह कैत को  स्मृति -चिन्ह दे  कर सम्मानित किया  


सेमिनार के चित्र

श्री होती लाल,जोगा सिंह,सुरेन्द्र बसरा 





मंगलवार, 7 जनवरी 2014

शकरकंद

                            ----शकरकंद --- -



 शकरकंद विटामिन ए का स्रोत है, खासतौर पर नारंगी रंग के शकरकंद 

में इसकी भरपूर मात्रा होती है। माना जाता है कि भारत में बच्चों एवं 

महिलाओं और 


अफ्रीका जैसे गरीब देशों में आमतौर पर पाए जाने वाले विटामिन ए की 

कमी को दूर करने की इसमें खासी क्षमता होती है। - नारंगी रंग के 

शकरकंदों और कुछ 

दूसरी फसलों से बने उत्पादों में ग्लाईकेमिक तत्त्वों की मात्रा कम होने 

की वजह से वे लोग भी इन उत्पादों का सेवन कर सकेंगे जो मधुमेह के 

शिकार हैं। भारत 



में ऐसे रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। - स्कूल जाने वाले 

बच्चों के मध्याह्न भोजन कार्यक्रम में कंद से तैयार खाद्य उत्पादों को 

शामिल करने से 

उनका पोषण और सुधर सकता है। - कंद फसलों का इस्तेमाल एथेनॉल 

(जैवईंधन) तैयार करने में भी किया जा सकता है। - शकरकंद 

कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, 

विटामिन बी6 और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है।रतौंधी तथा बच्चों 

में वृद्धि रुकने की शिकायत हो तो शकरकंद का सेवन करना चाहिए। - 

शकरकंद आँखों 


की रौशनी बढाता है , मन प्रसन्न करता है , हड्डियों को मज़बूत 

बनाता 

है , कैंसर से लड़ने में मदद करता है। - शकर कंद भूनकर खाना हृदय 

को सुरक्षित रखने 

में उपयोगी है। इसमें हृदय को पोषण देने वाले तत्व पाये जाते हैं। जब 

तक बाजार में शकरकंद उपलब्ध रहें उचित मात्रा में उपयोग करते 

रहना 

चाहिये।

शुक्रवार, 3 जनवरी 2014

यौन समस्याओ का उपचार

यौन समस्याओ का उपचार

तुलसी के बीज से यौन समस्याओ का उपचार:: 

जब भी तुलसी में खूब फुल यानी मंजिरी लग जाए तो उन्हें पकने पर तोड़ लेना चाहिए वरना तुलसी के झाड में चीटियाँ और कीड़ें 

लग जाते है और उसे समाप्त कर देते है . 

इन पकी हुई मंजिरियों को रख ले . इनमे से काले काले बीज अलग होंगे उसे एकत्र कर ले . यही सब्जा है . अगर आपके घर में नही है 

तो बाजार में पंसारी या आयुर्वैदिक दवाईयो की दुकान पर मिल जाएंगे शीघ्र पतन एवं वीर्य की कमी::

तुलसी के बीज 5 ग्राम रोजाना रात को गर्म दूध के साथ लेने से समस्या दूर होती है 

नपुंसकता:: 

तुलसी के बीज 5 ग्राम रोजाना रात को गर्म दूध के साथ लेने से नपुंसकता दूर होती है और यौन-शक्ति में बढोतरि होती है। 

यौन दुर्बलता : 

15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें। और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की 

मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है। 

मासिक धर्म में अनियमियता::

जिस दिन मासिक आए उस दिन से जब तक मासिक रहे उस दिन तक तुलसी के बीज 5-5 ग्राम सुबह और शाम पानी या दूध के साथ लेने से मासिक की 

समस्या ठीक होती है 

गर्भधारण में समस्या::

जिन महिलाओ को गर्भधारण में समस्या है वो मासिक आने पर ५-५ ग्राम तुलसी बीज सुबह शाम पानी के साथ ले जब तक मासिक रहे , मासिक ख़त्म होने के 
बाद माजूफल का चूर्ण १० ग्राम सुबह शाम पानी के साथ ले ३ दिन तक तुलसी के पत्ते गर्म तासीर के होते है पर सब्जा शीतल होता है . इसे फालूदा में इस्तेमाल 

किया जाता है . इसे भिगाने से यह जेली की तरह फुल जाता है . इसे हम दूध या लस्सी के साथ थोड़ी देशी गुलाब की पंखुड़ियां दाल कर ले तो गर्मी में बहुत ठंडक 
देता है .इसके अलावा यह पाचन सम्बन्धी गड़बड़ी को भी दूर करता है .यह पित्त घटाता है 

ये त्रीदोषनाशक , क्षुधावर्धक है .

नोट :: तुलसी के बीज,सफेद मुसली और माजूफल का चूर्ण आपको पंसारी की दूकान या आयुर्वैदिक दवाओ कि दूकान से मिल जायेंगे

मधुमेह की अचूक दवा

मधुमेह की अचूक दवा : 

अनुभव करके देखें

 20 वर्षों से डायबिटीज झेल रहीं 65 वर्षीय महिला जो दिन में दो बार इन्सुलिन लेने को विवश थीं, आज इस रोग से पूर्णत: मुक्त होकर सामान्य सम्पूर्ण आहार ले रही हैं । 
जी हाँ मिठाई भी । 
डाक्टरों ने उस महिला को इन्सुलिन और अन्य ब्लड सुगर कंट्रोल करने वाली दवाइयां भी बंद करने की सलाह दी है और एक ख़ास बात । 
चूंकि केवल दो सप्ताह चलने वाला यह उपचार पूर्णत: प्राकृतिक तत्वों से घर में ही निर्मित होगा, अत: इसके कोई दुष्प्रभाव होने की रत्ती भर भी संभावना नहीं है । 
मुम्बई के किडनी विशेषज्ञ डा. टोनी अलमैदा ने दृढ़ता और धैर्य के साथ इस औषधि के व्यापक प्रयोग किये हैं तथा इसे आश्चर्यजनक माना है । 
अत: आग्रह हैकि इस उपयोगी उपचार को अधिक से अधिक प्रचारित करें, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें ।
देखिये कितना आसान है इस औषधि को घर में ही निर्मित करना । 

आवश्यक वस्तुएं - 

1 – गेंहू का आटा 100 ग्राम 

2 – वृक्ष से निकली गोंद 100 ग्राम

3 – जौ 100 ग्राम

4 – कलुन्जी 100 ग्राम

निर्माण विधि 

उपरोक्त सभी सामग्री को 5 कप पानी में रखें । आग पर इन्हें 10 मिनिट उबालें । इसे स्वयं ठंडा होने दें । 
ठंडा होने पर इसे छानकर पानी को किसी बोतल या जग में सुरक्षित रख दें । >
 उपयोग विधि 
सात दिन तक एक छोटा कप पानी प्रतिदिन सुबह खाली पेट लेना । 
अगले सप्ताह एक दिन छोड़कर इसी प्रकार सुबह खाली पेट पानी लेना । 
मात्र दो सप्ताह के इस प्रयोग के बाद आश्चर्यजनक रूप से आप पायेंगे कि आप सामान्य हो चुके हैं और बिना किसी समस्या के अपना नियमित सामान्य भोजन ले सकते हैं ।